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भारत की संस्कृति सबसे प्राचीन, समृद्ध और महान है: रणजीत सिंह चौटाला

भिवानी, 30 अपै्रल।      प्रदेश के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि भारत की संस्कृति न केवल सबसे प्राचीन है बल्कि सबसे समृद्ध और महान भी है। श्रीमद् भागवत जीवन का सार है। यह जीवन की सब बाधाओं से पार पाने का मार्ग है।

बिजली मंत्री श्री चौटाला शनिवार को शहर सांस्कृतिक मंच द्वारा सदन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत गीता के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सांस्कृतिक मंच को भवन के लिए सहायता राशि के रूप में पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक सदन के भवन के लिए भूखंड दान देने वाले पंडित शिव नारायण शास्त्री की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि भारत की आबादी का यदि एक प्रतिशत हिस्सा भी ऐसे दानी पुरुष हो जाएं तो भारत का स्वरूप ही बदल सकता है। उन्होंने कहा कि करोंड़ों रुपए की जमीन दान देने की वर्तमान समय में कोई कल्पना भी नही कर सकता है। आज लोग एक इंच जमीन के लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि दान देना समाज व देश पर एक उपकार होता है। साधन-संपन्न लोगों को जरूरतमंदों की मदद व समाज हित में आगे आना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता हमारे लिए मार्ग दर्शक का काम करती है। यदि हमारे सामने किसी प्रकार की समस्या खड़ी होती है तो गीता पढऩे या भागवत सुनने मात्र से वह दूर हो जाती है। यह भारत की समृद्ध संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत देव भूमि है। श्रीमद् भागवत गीता कथा वाचन आचार्य सुरेश कौशिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक मंच से जगत नारायण ने बिजली मंत्री श्री चौटाला व अन्य गणमान्य नागरिकों को स्वागत किया तथा आभार डॉ. बुद्धदेव आर्य ने किया। कार्यक्रम का संचालन अनीता नाथ ने किया। कार्यक्रम को भिवानी मैत्री परिवार से राजेश चेतन ने भी संबोधित किया।

इस दौरान बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता रणबीर सिंह, संपूर्ण सिंह, मुकेश सेठ, शशि परमार, अतुल अग्रवाल, संदीप वधवा, प्रीतम अग्रवाल, पवन सर्राफ, विनोद चावला, यतेंद्र नाथ, पुष्पा कौशिक, धर्मपाल सिंह, सुभाष छाबड़ा, महेंद्र प्रताप, गजराज जोगपाल, अजीत सिंह सहित सांस्कृतिक सदन से सभी पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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