दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा का एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से सवाल उठाए गए। अब प्रवेश वर्मा ने वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दी है।
प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि विकासपुरी रिंग रोड पर सड़क निर्माण का काम चल रहा था और इसी दौरान वह काम का निरीक्षण करने के लिए वहां रुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक जनरल सिंह पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स से कांट्रेक्टर से मिलवाने और कमीशन दिलवाने की मांग कर रहे थे।

प्रवेश वर्मा ने विधायक जनरल सिंह पर लगाया कमीशन मांगने का आरोप
प्रवेश वर्मा के मुताबिक, विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि विधायक जनरल सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर्स से कांट्रेक्टर से मिलवाने और कमीशन दिलवाने के लिए कह रहे थे।
मंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनके इंजीनियर ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है और उनके खिलाफ एफआईआर कराने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रवेश वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि जब जनरल सिंह को कमीशन नहीं मिली तो रात में सड़क बनने के बाद सुबह उसे उखाड़ने का काम किया गया और इसका वीडियो बनाकर प्रसारित किया गया।
मंत्री के अनुसार, जब वह वहां से गुजर रहे थे तो उन्होंने इंजीनियर्स से कहा कि वह एक बार पूरे काम को देखना चाहते हैं। वहां रुककर उन्होंने सड़क निर्माण का निरीक्षण किया। प्रवेश वर्मा ने कहा कि वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि 15 साल तक यह सड़क नहीं बनी थी और 15 साल बाद इसे बनाया जा रहा है।
‘विधायक जनरल के कार्यकर्ता ने मुझे गाली दी’
प्रवेश वर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने खुद विधायक जनरल सिंह को तीन बार फोन किया और 45 मिनट तक उनका इंतजार किया। उन्होंने दावा किया कि वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को उन्होंने खुद नहीं बुलाया था।
मंत्री के मुताबिक, जब जनरल सिंह वहां पहुंचे तो उनके कार्यकर्ताओं ने बदतमीजी शुरू कर दी। प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि विधायक के एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गाली देना शुरू किया।
इसी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह आवेश में आ गए और उन्होंने भी वही किया जो उस स्थिति में कोई व्यक्ति करता।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि अगर कोई उनके परिवार के बारे में कुछ बोलेगा तो यह उन्हें बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही उन्होंने सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अधिकारियों से कमीशन मांगने को लेकर भी आपत्ति जताई।